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शादी


बेबाक़ स्वभाव है उसका, चाहनेवालों की उसकी बड़ी आबादी है...अपनी धुन में रहती हरदम, अपनी ही रियासत की शहज़ादी है...

चुने स्वयं ही इस सफ़र में हमसफ़र अपना, उसे इसकी आज़ादी है..पर टूटेंगे कई दिल अब शीशे बनकर, कुछ महीने में उसकी शादी है....

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