ख़्वाबों की दुनिया, सपनों का वो घर।
खो रही ज़िन्दगी, भागता हुआ शहर।
ठहरती हुई रात, सितारों भरा अम्बर।
पूनम की चाँदनी, मचलता ये समंदर।
जुल्फों के साये, कांघे पर उसका सर।
इश्क़ का आलम, सुबह होनेे का डर।


ख़्वाबों की दुनिया, सपनों का वो घर।
खो रही ज़िन्दगी, भागता हुआ शहर।
ठहरती हुई रात, सितारों भरा अम्बर।
पूनम की चाँदनी, मचलता ये समंदर।
जुल्फों के साये, कांघे पर उसका सर।
इश्क़ का आलम, सुबह होनेे का डर।