ये जो हाथों पर लकीरें उभरी हुई हैं न, ये रास्ते हैं जीवन के। कोई दिल के सफर के लिए है,तो कोई दिमाग के लिए। और ढेर सारी कई और सफर के लिए। हथेलियों पर समय के उतार चढ़ाव को बताती कुछ उभार भी हैं और कुछ ढलानें भी। कभी इनके साथ-साथ चलना भी है और कभी इन्हें बदलना भी है। यही जिंदगी है।