अंधियारी रात सही
आसमान में कई सितारा भी।
घना कोहरा बहुत
चलो लेकर साथ हमारा भी।
दुःख भींगोती पलकें
सुख दो पल का तुम्हारा भी।
बेचैन करती हवाएं
दिशाएं करती हैं इशारा भी।
मझधार बीच हम
पतवार लिए कोई सहारा भी।
भंवर जैसी उलझने
पास उम्मीद का किनारा भी।


अंधियारी रात सही
आसमान में कई सितारा भी।
घना कोहरा बहुत
चलो लेकर साथ हमारा भी।
दुःख भींगोती पलकें
सुख दो पल का तुम्हारा भी।
बेचैन करती हवाएं
दिशाएं करती हैं इशारा भी।
मझधार बीच हम
पतवार लिए कोई सहारा भी।
भंवर जैसी उलझने
पास उम्मीद का किनारा भी।