दूर है मंजिल बहुत
थक जाते मेरे पांव
चलते चलते
अनजान इन राहों पर
पड़ाव तक शाम होने दे
जिंदगी की मुश्किलों को
थोड़ा आसान होने दे
सफर है अभी बाकी
चार पल आराम होने दे


दूर है मंजिल बहुत
थक जाते मेरे पांव
चलते चलते
अनजान इन राहों पर
पड़ाव तक शाम होने दे
जिंदगी की मुश्किलों को
थोड़ा आसान होने दे
सफर है अभी बाकी
चार पल आराम होने दे