भीड़ में पुकार कर उन्हें, हम अपनी चाहत का असर देखेंगे।
पलट कर जो देखेंगे वो, हम उनके दिल में उतर कर देखेंगे।
नजरें इनायत, समंदर की बेबाक लहरों से गुजर कर देखेंगे।
गर चाँद हैं वो, उन्हें थोडा़ ठहर कर, जी भर कर हम देखेंगे।


भीड़ में पुकार कर उन्हें, हम अपनी चाहत का असर देखेंगे।
पलट कर जो देखेंगे वो, हम उनके दिल में उतर कर देखेंगे।
नजरें इनायत, समंदर की बेबाक लहरों से गुजर कर देखेंगे।
गर चाँद हैं वो, उन्हें थोडा़ ठहर कर, जी भर कर हम देखेंगे।