रोको वेदनाएं सारी, विचलित मन को आज बहलने दो
दर्द ये सारे रख दो तहखाने में, एक नयी हवा चलने दो
बढ़ाकर हाथ स्नेह का, हृदय को थोड़ा जतन करने दो
वक़्त ये बदले न बदले, मौसम का मिजाज बदलने दो
- विशाल ©


रोको वेदनाएं सारी, विचलित मन को आज बहलने दो
दर्द ये सारे रख दो तहखाने में, एक नयी हवा चलने दो
बढ़ाकर हाथ स्नेह का, हृदय को थोड़ा जतन करने दो
वक़्त ये बदले न बदले, मौसम का मिजाज बदलने दो
- विशाल ©