ये जुस्तजू तेरी, हवाओं में ये कैसा खुमार छाया
बस इक नज़र, हमने देखी थी तुम्हारी मस्तियां
असर उसका ऐसा, तू मुझे याद बार बार आया
हम जो हुए रूबरू, नादां दिल को करार आया


ये जुस्तजू तेरी, हवाओं में ये कैसा खुमार छाया
बस इक नज़र, हमने देखी थी तुम्हारी मस्तियां
असर उसका ऐसा, तू मुझे याद बार बार आया
हम जो हुए रूबरू, नादां दिल को करार आया