करो जो एतबार किसी पे, फिर तकरार नहीं अच्छा।
माना दुखा है दिल, पर कहना बार-बार नहीं अच्छा।
बीते हुए लम्हों से आपका ये सरोकार नहीं अच्छा।
इक जरा सी बात का इतना भी गुबार नहीं अच्छा।


करो जो एतबार किसी पे, फिर तकरार नहीं अच्छा।
माना दुखा है दिल, पर कहना बार-बार नहीं अच्छा।
बीते हुए लम्हों से आपका ये सरोकार नहीं अच्छा।
इक जरा सी बात का इतना भी गुबार नहीं अच्छा।