Poetry 1 min read 776.8K reads

गृहस्थी


पहिया ये खुशियों का, प्यार तुम अपना सारा दे दो।कठिन है जीवन डगर बहुत, साथ अब हमारा दे दो।

कांधे पर रखकर भविष्य, बोझ कुछ हमारा ले लो।संभल कर चल सकूं मैं भी, तुम थोड़ा सहारा दे दो।

Read more Earn more Learn more