उल्फ़त कभी कहाॅं किसी की जुबान चढ़ता है।
बस एहसास लेकर कोई साथ चलता रहता है।
शब्द अकेले ही कहाॅं कभी सब घाव भरता है।
दिल पे बातों से ज्यादा लहजा असर करता है।


उल्फ़त कभी कहाॅं किसी की जुबान चढ़ता है।
बस एहसास लेकर कोई साथ चलता रहता है।
शब्द अकेले ही कहाॅं कभी सब घाव भरता है।
दिल पे बातों से ज्यादा लहजा असर करता है।