उन्होंने कहा , मैंने सुना
चलता रहा यही सिलसिला
ये यादों का मौसम ,
ये मौसम की बूंदे
मगर ऐसा मौसम
न उनको मिला ,
न हमको मिला
चलता रहा यही सिलसिला
किताबों में ही खोए रहना
खुद में ही यूं सोए रहना
कुछ भी किसी से न कहना
आंखो से आंसू ही बहना
ये बहने का मौसम
ये मौसम का बहना
न हमको मिला
न उनको मिला
चलता रहा यही सिलसिला
- Vishal Kumar Patidar


