हर इक टूटा हुआ टुकड़ा किसी का दिल नहीं होता
मेरी बाहों में आकर भी मुझे हासिल नहीं होता
मुझे करता है जो शामिल , बिना मेरे ही जीने में
उसे पाकर के खोना भी कभी मुश्किल नहीं होता
-Vishal Kumar Patidar


हर इक टूटा हुआ टुकड़ा किसी का दिल नहीं होता
मेरी बाहों में आकर भी मुझे हासिल नहीं होता
मुझे करता है जो शामिल , बिना मेरे ही जीने में
उसे पाकर के खोना भी कभी मुश्किल नहीं होता
-Vishal Kumar Patidar