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ज़िन्दगी


सवाल बहुत से हैं, पर जवाब कोई नहीं!भागते जा रहे हैँ, पर खिताब कोई नहीं!आदमी की ज़िन्दगी भी क्या ज़िन्दगी है?दिन खर्च हो रहे हैं, पर हिसाब कोई नहीं!!विरेश✍

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