ये ज़िन्दगी की कश्मकश हमको कहाँ ले जायेगी?

अब तो लगता है ये हमारी जान लेकर जायेगी!

यूँ तो शिकवा है नहीं हमको ज़माने से कोई!

पर क्या हमारी ज़िंदगी बस इतनी ही कहलायेगी?


#विरेश✍