शायद जिस दिन खुद को बेच दूंगा बाजार में!
इस दुनिया में रहने को,हो जाऊंगा तैयार मैं!
सीधे सादे लोगों की रही नहीं ये दुनिया अब!
उसूलों को मानने वाले तो रो रहे हैं बेकार में!!
#विरेश✍


शायद जिस दिन खुद को बेच दूंगा बाजार में!
इस दुनिया में रहने को,हो जाऊंगा तैयार मैं!
सीधे सादे लोगों की रही नहीं ये दुनिया अब!
उसूलों को मानने वाले तो रो रहे हैं बेकार में!!
#विरेश✍