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त्रासदी


ज़िम्मेदारी कुछ ऐसी निभाई,उस वक़्त के ज़िम्मेदारों ने!वारिस अपने खो दिये,जाने कितने घरबारों ने!!भगा दिया मुज़रिम को भी,कैसे माफ़ करे कोई?ज़मीर भी तो बेच दिया था, उन देश के ठेकेदारों ने!!#विरेश✍

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