Poetry 1 min read 792.3K reads

Ram


होती है उस रोज़ 'दिवाली',जिस दिन वन से लौटे 'राम'!'राम' अगर मन में रख लो तो,उत्सव है फिर उम्र तमाम!आदर्शों पर चलो 'राम' के,मर्यादा को मानो तुम!हो जायेगा जग ये 'राम'मय, सब से बोलो 'जय श्री राम'!!

#विरेश✍

Read more Earn more Learn more