डूब रहा था बृज जब तो उठाया था गोवर्धन!आ जाओ कृष्ण इस युग में फिर से एक बार!भक्त सभी डूबते हैं,माँगते हैं आज श्याम!पीर का पर्वत उठाओ,सब की यही पुकार!!#विरेश✍
डूब रहा था बृज जब तो उठाया था गोवर्धन!आ जाओ कृष्ण इस युग में फिर से एक बार!भक्त सभी डूबते हैं,माँगते हैं आज श्याम!पीर का पर्वत उठाओ,सब की यही पुकार!!
#विरेश✍