1 min read 330.6K reads

Manzil


अब मिल जाती मंज़िल,तो चैन आ जाता!सफर ज़िन्दगी का अब खलने सा लगा है!चलते चलते रास्तों पर बीत रहे हैं दिन रात!जीवन का सूरज भी अब ढलने सा लगा है!!

#विरेश✍

Read more Earn more Learn more