Poetry 1 min read 616.9K reads

जज़्बात


होश में आते ही,हमने ये पहला काम किया!अपने सारे जज़्बातों को,बेहोशी का जाम दिया!जज़्बात अगर जागे रहते,तो हो जाती रुसवाई है!थोड़ी सी बदनामी लेकर,बहुतों को है नाम दिया!!

#विरेश✍

Read more Earn more Learn more