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जाल


रंग मेरा कुछ ऐसा बदला है,जैसे टूटा पत्ता डाल से!अब तो मन सा ऊब गया है,अपने ही ऐसे हाल से!!न जाने कब तक रहेगा ये पतझड़ इस जीवन में!!कोई तो आये ऐसा भी, कहे बाहर आ जा जाल से!!

#विरेश✍

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