इतवारों के आने की ख़ुशी काफ़ूर हो गई!जब बड़े हुए तो ज़िन्दगी मजबूर हो गई!!बचपन में जो चाहो वो कर पाते थे!!!अब तो अपनी ज़िंदगी बस एक दस्तूर हो गई!!!!#विरेश✍
इतवारों के आने की ख़ुशी काफ़ूर हो गई!जब बड़े हुए तो ज़िन्दगी मजबूर हो गई!!बचपन में जो चाहो वो कर पाते थे!!!अब तो अपनी ज़िंदगी बस एक दस्तूर हो गई!!!!
#विरेश✍