मेरे ग़मों को न पढ़ ले कोई,अल्फ़ाज़ बदल लेता हूँ मैं!भर आता है गला जो कभी,आवाज़ बदल लेता हूं मैं!!#विरेश✍
मेरे ग़मों को न पढ़ ले कोई,अल्फ़ाज़ बदल लेता हूँ मैं!भर आता है गला जो कभी,आवाज़ बदल लेता हूं मैं!!
#विरेश✍