हैं जो जरूरी वो कृत्य कर
गर है जरूरी तो उनके लिए रण कर
बड़ी अंजान है दुनिया खुदगर्जी के परिणाम स
तू उन खुदग्रजो के लिए
यज्ञ कर यज्ञ कर।।।।
तू परिणाम से मत डर
तू हो खड़ा तू कल की परवाह मत कर
ये आधी ये तूफ़ान कुछ पल का भी नही
बस इन पलो का होगा जो अंजाम उस अंजाम के लिए
डट कर सामना कर सामना कर।।।।
ये दुनिया अनन्त है ये आज कल की नही
इस दुनिया ने देखे है अनेक योद्धा यहाँ।
तू भी तो उनसे कम नही
तो तू हो मत भयभीत इन क्षणिक अवरोधों से
तू काल है क्षणिकता काल के आगे
कुछ नही कुछ नही।।।
यू तो मानवता है जगत का मूल आधार
पर यहा है मानवता मानवो से ही परेशान
ओर मानव भी इस बात से अंजान
तू राह बन
जो जाती हो मानवता की ओर मानवो के लिए वो
राह बन राह बन।।।।।
यहाँ अब मचा है हाहाकार
अब जो प्रकृति भी करे विनाश की पुकार
तुमने बहुत उगला है विस् यहां
अब वो भी तो इस विस् से रक्तरंजित लाल
तू इस विस् का नाश बन नाश बन
तू नीलकंठ महादेव शिव बन शिव बन


