मेरा इश्क भी मेरी तरह कमजोर निकला...उनको रोकने के बहाने भी न दे पाया...एक तरफ बाप के अर्थी को कांधा दिया गया...दूसरी तरफ सनम की डोली को उठाया गया़...
मेरा इश्क भी मेरी तरह कमजोर निकला...उनको रोकने के बहाने भी न दे पाया...
एक तरफ बाप के अर्थी को कांधा दिया गया...दूसरी तरफ सनम की डोली को उठाया गया़...