मोदी मोदी मोदी मोदी
माल्या फिर मोदी
हर तरफ मोदी की गूंज है
कितने प्यार से मारा ड़ाका
जनता के खून पसीने की कमाई पर
एक मोदी खुलवाकर जनखाता
गरीबों के सौ सौ रुपये जमा करवाता
एक मोदी बनके इज्जतदार डाकू
चूना देश को गजब लगाता
बईमान हुए हैं सत्ता के गलियारे
एक दूजे पर आरोप लगाते
सच तो ये है बईमानी की मलाई
नेता बडे़ ही शौक से खाते
आज कलात्मक डकैती करने वाला
बिजनेस टाईकून है कहलाता
कल भी मरता था मेहनत करने वाला
आज भी वो ही मरता है
मलाई खा रहे आदरणीय बनके डाकू
गरीब तो अपने अरमानों के
केवल पकौड़े तलता है ।
डॉ .विनोद कुमार


