धुल गए रावण आज के,
पुतला रावण का फूंक कर ।
घुल गए राम आज के रावण में,
मर्यादा सारी भूलकर ।
डॉ .विनोद कुमार
दिनांक: 25/10/2020


धुल गए रावण आज के,
पुतला रावण का फूंक कर ।
घुल गए राम आज के रावण में,
मर्यादा सारी भूलकर ।
डॉ .विनोद कुमार
दिनांक: 25/10/2020