उनकी दिली ख्वाहिश आंकना बहुत बुरी बात है

किसी के घर में ऐसे झाँकना बहुत बुरी बात है


वो भी बेकरार है हमारी इक झलक देखने को

इतना भी लंबा लंबा हाँकना बहुत बुरी बात है

~ विनीत



Vinit Singh Shayar