बज़्म से उनके हटाएँ हुए लोग
हसीं चेहरों पे सजाएँ हुए लोग
देर लगी उनको मंजर समझने में
ख़्वाब से अचानक जगाए हुए लोग
देख कर के हँस रहे हैं मेरी जिंदग़ानी
राह हमारे ही बताए हुए लोग
करके देखना है एक दिन उनका पीछा
जाते कहाँ हैं उनके सताए हुए लोग
औलाद में अपना कल देखने लगे हैं
माजी के हाथो से दबाए हुए लोग
~ विनीत सिंह
