जिनके हाथों से कभी फूल मिला करता थाउन्ही के हाथों में मैंने खंजर भी पाया हैजिन लोगो के हाथों में पत्थर देख रहे हो नमुझे पागल भी उन्ही लोगो ने बनाया है~ विनीत ✍️
जिनके हाथों से कभी फूल मिला करता थाउन्ही के हाथों में मैंने खंजर भी पाया है
जिन लोगो के हाथों में पत्थर देख रहे हो नमुझे पागल भी उन्ही लोगो ने बनाया है~ विनीत ✍️