जिनके हाथों से कभी फूल मिला करता था

उन्ही के हाथों में मैंने खंजर भी पाया है


जिन लोगो के हाथों में पत्थर देख रहे हो न

मुझे पागल भी उन्ही लोगो ने बनाया है

~ विनीत ✍️


Vinit Singh Shayar