इन शायरो ने मोहब्बत को यूंही बदनाम कर रक्खा है

हुआ अहसास मुझको ये दिल लगाने के बाद

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इक यह भी वजह बना मेरे शायरी में दर्द ना होने का

कोई तोड़ा नहीं दिल , दिल लगाने के बाद


हमसे कुछ याद रखने कि उम्मीद ना करें

हम सांस लेना भूल जाते है छोड़ने के बाद

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हम तो बर्बाद होकर भी वहीं पर खड़े हैं

वो शख्स ना जाने किधर गया दिल तोड़ने के बाद


डेढ़ सौ का गुलाब देकर किया था इजहार-ए-मोहब्बत

सोच कर हंसी आई दिल टूटने के बाद

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मोहब्बत में धोखा मिला ये कोई खास बात नहीं

बहोत कम ही लोग हंसे होंगे लूटने के बाद


ज़रूरी नहीं जो हँस रहा है वो भीतर से भी खुश है

अक्सर यहां रो देते है लोग मुस्कुराने के बाद

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जब तक जिन्दगी है तब तक मसरूफियत भी है

अक्सर हम परेशान हो जाते है चैन आने के बाद

(मसरूफ - व्यस्त)

विनीत सिंह


VINIT SINGH Shayar