तुम्हें पता नहीं मेरी फ़िक्र रहती है या नहीं
मगर मुझे आज भी तुम्हारी ही फ़िक्र रहती है
क्योंकि मैंने देखा था तुम्हें भी रोते हुए
"अपना ख्याल रखना"
कहने के ठीक बाद।


तुम्हें पता नहीं मेरी फ़िक्र रहती है या नहीं
मगर मुझे आज भी तुम्हारी ही फ़िक्र रहती है
क्योंकि मैंने देखा था तुम्हें भी रोते हुए
"अपना ख्याल रखना"
कहने के ठीक बाद।