मैं बोलना चाह रहा था
मगर बोलते बोलते रुक गया,
क्योंकि मैंने बोलते हुए
उसके माथे पर उभरती लकीरें देख ली थी,
और समझ गया था
कि इस रिश्ते का आख़िरी समय आ गया है।
क्योंकि अक्सर इज़हार का उत्तर,
अगर इकरार हो तो,
माथे पर लकीरें नहीं,
गालों में गड्ढे पड़ते हैं।


