आज दिख गए रास्ते में यूँ ही,
दो बच्चे और एक साइकिल मिस्त्री
बच्चे बड़ी ही उत्सुकता से देख रहे थे
और वो जोड़ रहा था,
उनकी टूटी साइकिल।
उसे देख मैंने भी सोचा कुछ जोड़ लूँ
देखा, तो सपने टूट गए थे
बहुत कोशिश की जोड़ने की
मगर रहा नाकाम !
फिर ध्यान आया,
सपने तो टूटते ही नहीं
टूट तो हम जाते हैं,
अब कोशिश में हूँ
खुद को जोड़ने की
उसी लगन से
जैसे वो मिस्त्री
जोड़ रहा था बच्चों की साइकिल.....