अरे देखो तो..! आज मेरा इम्तिहान आ गया सारी तैयारियां कर लीं पढ़ाई भी लगभग पूरी की अब एक आखिरी काम बच गया भगवान् से आशीर्वाद लेना हाँ उनका आशीर्वाद तो जरूरी है ना मैंने कल माँ को फोन किया था उन्होंने कहा था(पंडित से पूछकर) कि कल सुबह 6 बजे तक अच्छा मुहूर्त है माता जी हरेक मनोकामना पूरी कर देंगी मेरी माँ खुद भी तो बहुत बड़ी भक्त हैं किसी भी छोटी जाति वाले को घर की चौखट नहीं लांघने देती हम ब्राह्मणों का घर अपवित्र हो जाएगा और पूजा घर वहां तो बिना नहाये प्रवेश वर्जित, और हाँ अगर पिशाब भी किया तो फिर से नहाना होगा खैर मैं माँ जितना तो नहीं लेकिन थोड़ी बहुत पंडिताई मुझमे भी है मैं भी रोज सुबह उठ के पूजा करता हूँ मंदिर जाने का एक भी मौक़ा नहीं छोड़ता और हर बार दान पात्र में कम से कम 10 का नोट हरेक भंडारे में चन्दा और देह से भी खटता हूँ अब मैं निकल पड़ा हूँ एग्जाम के लिए अरे यार ये जाम ना भारत को पीछे कर देगा किसी का एक्सीडेंट हुआ है ये अच्छे से बाइक चला ही नहीं सकते लगता है शुभ मुहूर्त निकल जायेगा एक बार 6 बजे से पहले मंदिर पहुँच जाता हनुमान जी का मंदिर तो पीछे ही था लेकिन आज मुहूर्त तो माता जी का है न किसी तरह जाम टूटा मैं मंदिर पहुंचा "हे माता एग्जाम पास करा देना" आज तो 100 का नोट वहां से निकला तो फिर जाम खैर..... एग्जाम में तो 5-10 मिनट लेट भी चलेगा मुहूर्त तो नहीं निकल पाया ना.......