दिखा कर मेरी आँखों को नए ख़्वाब

गुल हो गया मुझसे मेरा गुलाब

काँटे ये सोचकर मैंने सहेज लिए

के किसी और के साथ गुजरेगी गुलाब की ज़िंदगी

पर असली ज़िन्दगी वो जो गुजरे कांटों के साथ