अनजान था जो प्यार की राह पर चल पड़ा,

दिल बईमान था जो प्यार की डगर पर चल पड़ा!


कुछ अन-छुए जज़्बात थे,कुछ अन-छुई मुलाकाते थी,

उन अन-छुई मुलाकातों में,

मेरी प्यार की अन-सुनी कहानी थी!


कदम दो कदम चलते चलते रास्ता तहे कर लिए, 

उस रास्ते मे फैले फूलों को समेटना शुरू कर दिया,

बईमान थे वो फूल जो काँटे बन गए,

बईमान था वो दिल जिस्सके रस्ते बदल गए!



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