खुली आखों से ख्वाब देखे हैं,
रास्ते सीधे हों या टेढ़े, सारे देखे हैं l
आज खाने में रोटी के साथ दाल और सब्जी भी है,
नमक, रोटी वाले दिन भी बहुत देखे हैं ll


खुली आखों से ख्वाब देखे हैं,
रास्ते सीधे हों या टेढ़े, सारे देखे हैं l
आज खाने में रोटी के साथ दाल और सब्जी भी है,
नमक, रोटी वाले दिन भी बहुत देखे हैं ll