Poetry 1 min read 792.4K reads

A


कहीं तो सुकूँ होगा कोई तो डगर होगीये रात काली कभी तो सहर होगी ।

गुम हैं कई तारे भी फलक से मगर,गुमनाम चाँद की ही सबको खबर होगी ।

Read more Earn more Learn more