कहीं तो सुकूँ होगा कोई तो डगर होगीये रात काली कभी तो सहर होगी ।गुम हैं कई तारे भी फलक से मगर,गुमनाम चाँद की ही सबको खबर होगी ।
कहीं तो सुकूँ होगा कोई तो डगर होगीये रात काली कभी तो सहर होगी ।
गुम हैं कई तारे भी फलक से मगर,गुमनाम चाँद की ही सबको खबर होगी ।