मेरा इस कविता को लिखना सबूत है इस बात का की तुम मेरी ज़िंदगी का एक अहम हिस्सा हो। मैं जानता हूँ तुम्हारा मुझसे अलग होना तुम्हारी खूबसूरती को तीन गुना बढ़ा देता है। हाँ, है कुछ नाम भर के फासले हमारे बीच पर तुम्हे मुझसे दूर कर पाना इनके बस का नही। मैं जानता हूँ तुम इस बात से अनजान नही हो कि मैं तुम्हारे इश्क़ में ताजमहल नही बना सकता। और मैं ये भी जानता हूँ कि तुम्हे मुझसे ताजमहल की कोई उम्मीद नही है। मैं जानता हूँ हमारे मज़हबों के बीच जो अंतर है, उसे सोच कर तुम अक्सर परेशान हो उठती हो। सच कहूं तो मुझे तुम्हारे धर्म से कोई फर्क नही पड़ता और ना ही मुझे अपने धर्म से फर्क पड़ता है। मुझे मालूम है तुम्हे हिजाब लगाना पसन्द नही और ना ही मैं तुम्हे घूँघट में देख सकता हूँ। तुम्हारी अंग्रेज़ी मुझसे कहीं ज्यादा अच्छी है फिर भी तुम मेरी तरह देवनाग्री टाईप करने की कोशिश करती हो। मैं जानता हूँ तुम्हे मेरे बालों का बार बार मेरे आँखों के सामने आजाना अच्छा लगता है और मुझे ये भी मालूम है कि तुम्हे, मेरी छोटी बड़ी आदतों की खबर है। तुम्हे पता है मेरे जेब मे सफ़ेद रुमाल रहने की वजह तुम्हे पता है मेरे किताबों में छिपी मेरी कविताओं का राज़ मैं जानता हूँ तुम मुझे सिगरेट पीते नही देख सकती और ना ही रात भर मुझें लैपटॉप में घुसे देख सकती हो। हालांकि , मुझे मालूम है तुम्हारे होठों के रंग बदलने का राज़। उफ़्फ़ ! ये तुम्हारे होंठ भी ना तुम जानती हो ? तुम्हारे ठंडे होंठो का मेरे गले पे होता स्पर्श किसी जादू से कम नही। मेरी हज़ारो कोशिशो के बीच मेरी आँखों का बिजली की तेजी से बंद हो जाना, सबूत है इस बात का की तुम मेरी ज़िन्दगी का अहम हिस्सा नही ज़िन्दगी हो मेरी।