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न जाने क्यूँ


समय के साथ तुझे रूह में महसूस करने लगा हूँ,तू पास नहीं है, फिर भी तुझमें ही रहने लगा हूँ।

तेरी बातें अब और सच्ची लगने लगी हैं,न जाने क्यूँ, तू मुझे और अच्छी लगने लगी है।।

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