हर दिन हर लम्हा ज़िंदगी खुशरंग हो
बीते हर घड़ी ऐसे जैसे नई-नई उमंग हो
चेहरे पे हंसी-लबों पे खुशी
और सारा ज़माना संग हो
हर दिन हर लम्हा ज़िंदगी खुशरंग हो
जब भी मैं खोलूँ आँखें सामने तेरा चेहरा मेरे सनम हो
मैं जीऊँ तेरे खातिर दिल में ना कोई भरम हो
हर दिन हर लम्हा ज़िंदगी खुशरंग हो
रखूँ जो हाथ मैं अपने दिल पे एहसासों में तेरी ही धड़कन हो
सुनूँ मैं जो कोई भी आवाज़ शहनाइयों में भी चूड़ियों की खन-खन हो
हर दिन हर लम्हा ज़िंदगी खुशरंग हो
बात जब भी चले इश्क़ की ऐ ख़ुदा हमारी भी एक नई जनम हो
बनूँ मैं उसका चंद चाँदनी मेरी सनम हो
हर दिन हर लम्हा ज़िंदगी खुशरंग हो
बरसे जो अंबर से मोती सुनहरा उसका रंग हो
रहूँ सबके दिल में ऐसे जैसे सीप-मोती संग हो
हर दिन हर लम्हा ज़िंदगी खुशरंग हो
हर दिन हर लम्हा ज़िंदगी खुशरंग हो
बीते हर घड़ी ऐसे जैसे नई नई उमंग हो
चेहरे पे हंसी-लबों पे खुशी
और सारा ज़माना संग हो


