Poetry 1 min read 778.6K reads

Kudarat


"ये जमीं, ये आसमां ,ये दरख़्त सब वाकिफ़ है कि तुम किसके कारण जिंदा हो ,क्या तुम वाकिफ़ हो कि तुम किसके कारण जिंदा हो...?".

— @विकास_मंडाड़
Read more Earn more Learn more