रिश्तों को आप शब्दों का मोहताज न बनाइये
हम अगर खामोश हैं तो आप ही आवाज लगाइये
रिश्ता, रिश्ता निभाने से मज़बूत होता है रिश्ता
जो कभी हम न निभा सके आप तो निभाइये
समझ नासमझ के चक्कर में फँस जाता रिश्ता
जो कभी नासमझ हो जायें रिश्ते तो आप समझाइये
रिश्ता पास का या दूर का नहीं रिश्ता तो बस रिश्ता होता है
जो है रिश्ता बहुत दूर तो करने को क़रीब रिश्ते को बुलाइये
आज़मा रहा है आज रिश्ते को रिश्ता क़दम क़दम पर
रिश्तों में बँधे हैं आप तो आप भी रिश्तों को आज़माइये
रिश्तों से संसार है, रिश्तों से है ज़िन्दगी, रिश्ता है ज़रूरत
तो टूटते रिश्तों को बचाइये और नये रिश्ते आप भी बनाइये
रिश्तों को आप शब्दों का मोहताज न बनाइये
हम अगर खामोश हैं तो आप ही आवाज लगाइये