देख यहाँ खुदा और रब बिकता है
कड़वा हो तीखा हो सब बिकता है
आने के देर है बस चुनाव यहाँ पर
गली, चौराहों पर मज़हब बिकता है
सजी हुई हैं दुकानें ईमान की यहाँ
बिकती है इज़्ज़त, अदब बिकता है
रोता है मन और आँखो से बहता पानी
बिकती है पढ़ाई और सबक़ बिकता है
बिना काम तो जान पहचान नहीं होती
बिकते रिशते नाते, मतलब बिकता है
है हिम्मत तो ख़रीद ले प्यारे तू भी कुछ
हवा, पानी, मिट्टी, आग, नभ बिकता है
ज़िन्दगी जीने का सलीक़ा आ जाये तुझे
कैसे करें तिरस्कार और अदब बिकता है
खोल आँखे और देख अपने इर्द गिर्द तू
मत पूछ कहाँ कहाँ और कब बिकता है
देख यहाँ खुदा और रब बिकता है
कड़वा हो तीखा हो सब बिकता है