चलने को चल सकता काम कम में
पर क्या करें हसरतें बहुत हैं
मिलने को मिल सकती है मंजील
पर क्या करें कसरतें बहुत हैं
जी करता है की उसपे विश्वाश करें
पर रंग बदलती गिरगिटें बहुत हैं
रिश्ते मैं हर निभाना चाहते हूँ
पर रिश्तों में सिलवटें बहुत हैं
सोना चाहता हूँ मैं चैन से रात भर
पर क्या करूँ करवटें बहुत हैं
करना चाहता मैं हर काम तरीक़े से
पर क्या करूँ यहाँ झंझेटे बहुत हैं