ज़िंदादिल है जो उसे मज़े दिलाता बुढ़ापा शख़्स वो खास चेहरे पे चमचमाता बुढ़ापा बच्चे प्यारे उसको कर जाये कुछ भी उनके लिये सबकी ख़ुशियों में ख़ुशियाँ मनाता बुढ़ापा छूट जाते सब रिशते नाते भले ही उससे पर वो रहता सबके साथ रिशते निभाता बुढ़ापा बुढ़ा हुआ है जो तो तजुरबे कई किये होंगे बच्चे और जवान को सही राह दिखता बुढ़ापा और ये तो दस्तूर है उस जहाँ बनाने वाले का आता बचपन, आती जवानी तो आता बुढ़ापा हाथ जो पकड़ता था कभी आज भी लाचार नहीं छड़ी को बना दोस्त दुनियाँ को सबक़ सिखाता बुढ़ापा दिया उसने प्यार सभी को यहाँ ज़िन्दगी भर जो दे दे उसे कोई प्यार तो जी जाता बुढ़ापा बुढ़ा है पर कमज़ोर नहीं आज भी है वो सक्षम उसको बोझ समझते जो सारे बोझ उठाता बुढ़ापा यहाँ सब बन जाते दुशमन उसके बुढ़ा हुआ जो वो बस प्यार मोहब्बत का पाठ पढ़ाता बुढ़ापा फूलो फलो सदा खुश रहो देता है आशीर्वाद बस मुस्कुरा कर बलायें सारी ले जाता बुढ़ापा