वो इश्क़ ही क्या हवाओं में जिसकी खुशबू ना हो,दो दिल एक हो जाएं और जमाने में ज़िक्र ना हो।
वो इश्क़ ही क्या हवाओं में जिसकी खुशबू ना हो,
दो दिल एक हो जाएं और जमाने में ज़िक्र ना हो।