शुक्र मंत्र :-
हिमकुंद मृणालाभं दैत्यानां परमं गुरुम्।
सर्वशास्त्र प्रवक्तारं भार्गवं प्रणमाम्यहम्।।
माता लक्ष्मी मंत्र :-
ॐ ह्रीं श्री क्रीं क्लीं श्री लक्ष्मी मम गृहे धन पूरये, धन पूरये, चिंताएं दूरये-दूरये स्वाहा:।
देख्यो रुप अपार मोहन सुन्दर स्याम को !
वह ब्रज राजकुमार हिय जिय नैननि में बस्यो !!
महाकवि रसखान जी कहते है कि ब्रज के राजकुमार भगवान श्री कृष्ण उनके हृदय , मन , मिजाज , जी , जान और आँखों में अपना स्थान बना कर बस गए है !

